दूध के पाश्चराइजेशन के लिए प्रक्रिया | Read this article in Hindi to learn about the procedure for pasteurization of milk.

क्रीम या दूध में से वाष्पशील अपसुवास (Volatile Off-Flavours) निकालने तथा इसे पास्तुरीकृत करने के लिए यह विधि सर्वप्रथम 1932 में न्यूजीलैंड में प्रयोग की गयी इस विधि में दबावयुक्त भाप को दूध के साथ मिलाकर तुरन्त दाब कम करते हैं परिणाम स्वरूप दूध में से मिलायी हुई गर्म वाष्प एवं वाष्पशील अपसुवास निकल जाती है । ये उपसुवास दूध में चारे से या पशु के बांधने के स्थान या अन्य कारण विशेष से आ सकती है ।

इस प्रक्रिया के लिए प्रयोग होने वाले यन्त्र में 3 भाग या कक्ष (Chambers) होते हैं:

1. पास्तुरीकरण कक्ष (Pasteurization Chamber):

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यन्त्र के प्रथम भाग 100 से 225 mm तक का शून्यक (Vacuum) तथा 96C से 90C तक तापमान रखा जाता है । प्रथमतः दूध इस प्रथम कक्ष में ऊपर से प्रवेश करता है । शुष्क संतृप्त वाष्प (Dry Saturated Steam) दुग्ध आपूर्ति के तुरन्त नीचे से प्रवेश करके दूध के सीधे सम्पर्क में आकर उसके प्रत्येक कण का तापमान बढ़ाती है । यहाँ पर दूध का तापमान 87.8 से 93.5C तक हो जाता है ।

2. वाष्पीकरण कक्ष (Vaporizing Chamber):

पास्तुरीकरण कक्ष की पेंदी से दूध वाष्पीकरण कक्ष के ऊपरी सिरे से प्रवेश करता है । जहाँ शून्यक 380 से 500 mm तथा तापमान 81 से 72C होता है । दूसरे कक्ष में शून्यक (Vacuum) अधिक होने के कारण दूध पहले कक्ष से दूसरे कक्ष में किनारे (Side) से दीवार के साथ घुमाव देता हुआ कक्ष के धरातल पर गिर कर तुरन्त उबलने (Boil) लगता है । उबलने से प्रथम कक्ष में मिलायी गई भाप अपने साथ वाष्पशील सुवास (Volatile Flavours) लेकर Condennser में जा कर संघनित (Condensed) हो जाती है ।

3. शीतलन कक्ष (Cooling Chamber):

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दूसरे कक्ष का दूध तीसरे कक्ष में शून्यक और अधिक होने के कारण (675 से 700 mm) उसकी दीवार के साथ घुमाव देता हुआ धरातल पर पडकर जोर से उबलता है । कक्ष में दूध का तापमान 43.5C तक कम हो जाता है । तीसरे कक्ष से निकली भाप भी संघनित (Condenser) में जाकर ठण्डी होकर संघीनत हो जाती है । इस कक्ष का तापमान 46 से 38C तक होता है ।

तीसरे कक्ष से दूध Centrifugal Pump द्वारा ठण्डा होने के लिए शीतकों में भेजा जाता है । Vacreation की इस प्रक्रिया में लगभग 10 सैकिंड का समय लगता है । यह एक सतत विधि है अतः कार्य शुरू होने पर पास्तुरीकृत दूध लगातार प्राप्त होता रहता है ।

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