दुग्ध उद्योग पर निबंध | Essay on Dairy Industry in Hindi!

Essay # 1. दुग्ध उद्योग का परिचय (Introduction to Dairy Industry):

डेरी एक वह स्थान है जहां दूध एवं दुग्ध पदार्थों का उत्पादन, प्रसंस्करण और वितरण होता है । प्रौद्योगिकी (Technology) से अभिप्राय: है कि प्रयोगिक उद्देश्य के लिए वैज्ञानिक ज्ञान का उपयोग करना । अतः ”डेरी प्रौद्योगिकी डेरी विज्ञान की वह शाखा हुई जिसमें औद्योगिक स्तर पर दूध के उत्पादन, प्रसंस्करण तथा वितरण की प्रयोगिक विधियों का अध्ययन एवं प्रयोग किया जाता है ।”

दूध से अभिप्रायः उस तरल पदार्थ से है जो एक या एक से अधिक दुधारू पशुओं (गाय, भैस, भेड, बकरी) के पूर्ण दोहन से प्राप्त पूर्ण, ताजा एवं स्वच्छ लैक्टियल स्राव है । इसमें पशु के ब्याने के 15 दिन पूर्व तथा 15 दिन पश्चात् तक का स्राव सम्मिलित नहीं किया जाता है ।

दुग्ध पदार्थ, दूध का वह सुरक्षित रूप है जो मानव के विभिन्न स्वादों की सन्तुष्टि करते हुए उचित पोषण प्रदान करता हो ।

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विकसित देशों में लगभग 150 वर्षों पूर्व से प्रक्षेत्र उत्पादन तथा डेरी फैक्ट्री उत्पादन में क्षेत्र (Scope) की विभिन्नता स्थापित हो चुकी है । इसके लिए बहुत से कारक है जैसे शहरों में पर्याप्त आबादी तथा रोजगार के पर्याप्त साधन, तेज औद्योगिकी करण, परिवहन सुविधाओं में तेज विकास एवं मशीनीकरण का तेजी से विकास होना आदि ग्रामीण क्षेत्रों में दुग्ध उत्पादन किया जाता है । जबकि शहरी क्षेत्रों में दुग्ध संयन्त्रों की स्थापना की जानी है । अधिकतर उपभोक्ता वही (शहरों) में बसते है । इन संयंत्रों का बहुत विकास तेजी के साथ हुआ है ।

भारत में कुछ समय पहले तक दुग्ध उद्योग, ग्रामीण लघु उद्योग के रूप में स्थापित था । देश में Military Dairy Farm की स्थापना के बाद इस उद्योग का वाणिज्यीकरण (Commercialization) हुआ । इसे 19वीं शताब्दी के अन्त तक दुग्ध सहकारिकता के विकास ने अग्रसर किया । भारत में Market Milk Technology की वास्तविक शुरुआत 1950 से ऐरे मिल्क कालोनी मुम्बई, में केन्द्रीय दुग्धशाला के निर्माण के साथ हुई ।

Milk Product Technology का विकास 1956 अमूल डेरी, आनन्द (Amul Dairy, Anand) के स्थापित होने पर हुआ ।

विकसित देशों में (संयुक्त राज्य अमेरिका (USA)) सन् 1900 से पहले सम्पूर्ण उत्पादित दूध कच्चा ही उपयोग किया जाता था । सन् 1923 में पास्चुरीकरण तकनीक के विकास उपरान्त वहां की Market Milk Industry ने तेजी से विकास किया । यान्त्रिक प्रशीतन (Mechanical Refrigeration) के विकास उपरान्त तो इस उद्योग के विकास में द्रुत गति से वृद्धि हुई । यह उद्योग अभी भारत में विकासशील अवस्था में ही है ।

Essay # 2. दुग्ध उद्योग का विकास (Development of Dairy Industry):

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विश्व दुग्ध उत्पादन (World Milk Production):

दुग्ध व्यवसाय पशु पालन पर निर्भर व्यवसाय है । संसार की जनसंख्या का एक बडा भाग (लगभग 65%) शाकाहारी है । मांसाहारी जनसंख्या के लिए मास की उपलब्धता कम है तथा यह स्वास्थकर भी नहीं माना जा रहा है । अतः सन्तुलित भोजन के लिए दुग्ध एवं दुग्ध उत्पादों के उपयोग का महत्व और भी अधिक बढ जाता है ।

इनकी आवश्यकता पूर्ती के लिए प्राचीन काल से ही पशु पालन को दुग्ध उत्पादन के उद्देश्य से अपनाया जा रहा है । संसार का 2003 में कुल दुग्घ उत्पादन 591.51 मिलियन टन था जिसमें गाय का योगदान 85.6% (506.85 MT), भैस से योगदान 12.3% (72.68 MT) तथा बकरी आदि का 2.03% (11.98 MT) योगदान है । संसार में दुग्ध उत्पादन की वृद्धि दर 0.78% वार्षिक है ।

संसार के कुल दुग्ध उत्पादन का 2/3 भाग यूरोप (36.03%) तथा एशिया (30.69%) में उत्पादित किया जाता है । दूध का सबसे कम उत्पादन ओसिनिया महाद्वीप (4.24%) में है ।

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गाय से यूरोप में सर्वाधिक दुग्ध उत्पादन (41.54%) लिया जाता है । इसके बाद घटते क्रम में क्रमशः एशिया (20.65%) तथा उत्तरी अमेरिका (19.55%) है । अफ्रीका में गाय का दुग्ध उत्पादन न्यूनतम (4.17%) रहा है । एशिया में अधिकतर दूध भैस से उत्पादित (96.94%) कराया जाता है । जबकि अफ्रीका का भैस से दूध उत्पादन में मात्र 2.86% का योगदान है । यूरोप में भैस से दूध का उत्पादन नगण्य (0.2%) है ।

विश्व दुग्ध उत्पादन में भारत का योगदान सर्वाधिक (15%) है । इसके बाद अमेरिका (13%), रूस (5.5%), जर्मनी (4.7%) तथा पाकिस्तान (4.7%) क्रम में आता है । दुनिया का न्यूनतम दुग्ध उत्पादन देश जार्डन (0.032%) है । गाय के दुग्ध उत्पादन में अमेरिका (15.2%) का योगदान सर्वाधिक है ।

दुग्ध उत्पादन की उच्चतम वृद्धि दर ओसिनिया (4.32%) में है इसके बाद घटते क्रम में क्रमशः एशिया (3.68%), अफ्रीका (3.52%), दक्षिणी अमेरिका (2.49%) तथा उत्तरी अमेरिका (1.45%) आते हैं । यूरोप में दुग्ध उत्पादन 0.68% वार्षिक की दर से घट रहा है । चीन में दुग्ध उत्पादन वृद्धि दर (9.15%) सर्वाधिक रिकार्ड की गयी है । इसके बाद के क्रम में न्यूजीलैण्ड (4.87%), पाकिस्तान (4.55%), भारत (3.95%) तथा ब्राजील (3.44%) आते हैं ।

गायें की औसत दुग्ध उत्पादकता (Average Productivity of Cows):

दुग्ध उत्पादकता का सर्वाधिक औसत उत्तर अमेरिकी (4808 kg/year) का है । इसके बाद ओसेनिया (4180 kg/year), यूरोप (3987 kg/year), दक्षिणी अमेरिका (1564 kg/year), एशिया (1220 kg/year), तथा अफ्रीका (486 kg/year) का क्रम आता है ।

विश्व के लिए दुग्ध उत्पादकता का औसत 2192 कि.ग्रा. प्रतिवर्ष है । भारत में गायों की दुग्ध उत्पादकता 917 कि.ग्रा. प्रतिवर्ष है तथा घटते क्रम में दुग्ध उत्पादकता में भारत का 35वां स्थान है ।

दुग्ध उपलब्धता (Availability of Milk) :

विश्व में सन 2002 का प्रति व्यक्ति प्रतिदिन दुग्ध उपलब्धता का औसत 259 ग्राम था । यह औसत ओसेनिया में 2199 ग्राम, यूरोप में 807 ग्राम, उत्तरी एवं मध्य अमेरिका में 542 ग्राम, दक्षिणी अमेरिका में 356 ग्राम, एशिया में 128 ग्राम तथा अफ्रीका में मात्र 85 ग्राम है ।

Essay # 3. दुग्ध पदार्थों का उत्पादन क्रम (Production Pattern of Dairy Products):

अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्पादित होने वाले दुग्ध पदार्थों में चीज, मक्खन, घी, वाष्पित एवं संघनित दूध तथा दुग्ध चूर्ण प्रमुख है ।

सन् 2003 में चीज उत्पादन में यू.एस.ए. (4.22 MT) का प्रथम स्थान । इसके बाद क्रम में फ्रांस (1.77 MT) जर्मनी (1.76 MT), इटली (1.1 MT) तथा नीदरलैंड (0.64 MT) आते हैं । मक्खन एवं घी उत्पादन में भारत को प्रथम स्थान प्राप्त है । यहाँ का 2003 में उत्पादन 2.5 MT भर रहा है । इसके बाद यू.एस.ए. (0.56 MT), पाकिस्तान (0.54 MT), न्यूजीलैंड (0.46 MT) तथा फ्रांस (0.45 MT) का क्रम है ।

संघनित दूध के उत्पादन में यू.एस.ए. (0.79 MT) प्रथम स्थान पर है, तत्पश्चात जर्मनी (0.54 MT), नीदरलैंड (0.30 MT), रूस गणतन्त्र (0.21 MT) तथा थाइलैंड (0.18 MT) का स्थान आता है । विश्व में यू.एस.ए. ही सर्वाधिक वसा रहित दुग्ध चूर्ण भी बना रहा है ।

2003 में वसा रहित दूध चूर्ण का उत्पादन यू.एस.ए. में 0.70 MT था जबकि फ्रांस में 0.34 MT न्यूजीलैंड में 0.31 MT तथा जर्मनी में 0.30 MT वसा रहित दुग्ध चूर्ण उत्पादित किया गया । इस विवरण से स्पष्ट है कि चीज, संघनित दूध तथा वसा रहित दुग्ध चूर्ण के उत्पादन में अमेरिका (USA) प्रथम स्थान पर है । जबकि मक्खन तथा घी उत्पादन में भारत विश्व में सबसे आगे है ।

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