माइक्रोबियल कीटनाशकों के प्रकार | Read this article in Hindi to learn about the nine main types of microbial insecticides. The types are:- 1. बैक्टीरिया (Bacteria) 2. कवक (Fungi) 3. विषाणु (Viruses) 4. रिकेट्‌सिया (Rickettsias) 5. परभक्षी प्रोटोजोअन (Predacious Protozoan) 6. पादप परजीवी सूत्र कमियों का जैव नियंत्रण (Biocontrol of Plant Parasite Nematodes) and a Few Others.

Type # 1. बैक्टीरिया (Bacteria):

बैक्टीरिया की लगभग 100 से भी अधिक जातियाँ Pest के Pathogens के रूप में उपलब्ध है, जो इनमें विभिन्न प्रकार के रोग उत्पन्न करती है । जैसे बैसिलस थूरिरिन्जयेन्सिस का उपयोग Mosquito के Larva, Sugarcane के वेधक एवं चने के वेधक कीटों को Control करने के लिए किया जाता है ।

इसके अतिरिक्त कुछ और Species B. Papillae B. Morbes, Pseudomonas, Streptococcus आदि है । Pseudomonas Species के Cell युक्त निष्कर्षों के कारण मूल गाँठ Worm मेल्वॉयडोगाइन जाति उच्च मृत्युदर देखी गयी है ।

B. Panitrance नामक Bacteria मेल्वॉयडोगाइन तथा प्रेटीलेन्कस के जातियों पर आक्रमण करता है । यह Bacteria अनेक अन्य Worm जातियों में पुर्नउत्पादन को रोकने और अन्त में उन्हें मारने की योग्यता के कारण ही Worms के Control के लिए उपयोग में लाते है । B. Thuringiensis-Toxin के विभिन्न संरूपों को Microbial Pest के रूप में उपयोग करते है ।

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जीवाणु विरोधियों से पादप रोगों तथा जैव नियंत्रण (Biocontrol of Plant Diseases by Bacterial Antagonists):

अनेक फलों एवं शोभाकारी पौधों में Agrobacterium Tumefaciens नामक जीवाणु (Bacteria) से उत्पन्न Crown Gall रोग को एक अरोगजनक जीवाणु Agrobacterium Radiobacter के एक Strain k84 द्वारा सफलतापूर्वक Control किया गया है ।

Strain के 84 व्यापारिक रूप से उपलब्ध है तथा इसके निलंबन में Seeds Treatment किया जा सकता है । इसी प्रकार विभिन्न धान, मक्का एवं गाजर आदि के Seeds को Bacillus Subtilis Strain A13 अथवा Streptomyces Species के Water Suspension Powder के द्वार उपचारित करके बोने से पौधों के मूल Pathogens के आक्रमण से रक्षा होती है ।

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इसके अतिरिक्त अनेक स्थितियों में Saprophyte Bacteria या Pathogens Bacteria के Avirulent Strain को पौधों पर तथा पत्तियों पर छिड़काव करने से अनेक Pathogens Bacteria एवं कवकों द्वारा उत्पन्न Infection में कमी आ जाती है ।

उदाहरण Erwinia Amylovora नामक Bacteria से उत्पन्न सेब की दुग्ध अंगमारी के Pathogens का Control E. Herbicola के छिड़काव द्वारा किया जाता है ।

अनेक Fungi द्वार उत्पन्न Pathogens को Epiphytotic Bacteria के द्वारा Control किया जाता है । जैसे मूँगफली या तम्बाकू के ऊपर Pseudomonas Cepacia अथवा Bacillus जाति का छिड़काव कर Sarcospora एवं Alternaria को Control करते हैं ।

Type # 2. कवक (Fungi):

कवक अनेक विशेष रोगजनक विभिन्न जातियों पर आक्रमण करती है और पर Parasite हो जाती है । Fungi विभिन्न Insects की Skin को भेदकर शरीर के अन्दर प्रवेश कर जाती है । कवक के Spores Insects आदि को Skin भेदकर Reproductive System में पहुँचकर Grow हो जाते है जिससे Insects मर जाते हैं ।

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इसलिए Fungi के Spores का चूर्ण बनाकर छिड़का जाता है । कुछ Fungi जैसे Entomophthora एवं Coelomomyces की Species विश्व के अनेक भागों में ऐफिडस (Aphids) एवं मच्छरों (Mosquitoes) को Control करने में उपयोगी पायी गयी है ।

इसी प्रकार Hirsutella Thompson एवं Verticillium Licani Species के Fungi का उपयोग Insects, Mites Aphids को Control करने के लिए किया जा रहा है । थॉम्पसोनी कवक के Conidium का औद्योगिक उत्पादन अमेरिका की प्रयोगशाला में किया जाता है ।

Fungi को चार प्रकार से उपयोग किया जाता है:

(i) अन्त:जन्तुक कवक (Endozoic Fungi),

(ii) परभक्षी कवक (Predacious Fungi),

(iii) सूत्रकृमि अंडों एवं पुटियों के कवक (Nematode Eggs Cyst and Fungal),

(iv) कवकीय विरोधि (Fungal Antagonists) ।

(i) अन्त:जन्तुक कवक (Endozoic Fungi):

अन्त: जन्तुक कवक (Endozoic Fungi) Nematodes के प्राकृतिक शत्रु होते है । इनकी 40 से 50 Species. Phytonematodes के ऊपर Parasite के रूप में रहती है । Nematophytora Gynophila नामक कवक (Fungi) को Cyst Nematodes Heterodera की Species पर पाया जाता है ।

इसी प्रकार अन्य Fungi जैसे हार्पोस्पोरियम (Harposporium), Acrostalagmus, Nematonchus Catenaza Myzocytium आदि जातियों Nematodes के सिस्ट को Control करती है ।

(ii) परभक्षी कवक (Predacious Fungi):

इन्हें Nematophagus Fungi के नाम से जाना जाता है । इनकी लगभग 100 से भी अधिक Species पायी जाती है जो Soil में सड़ रहे Organic पदार्थों में तथा दूसरे स्थानों पर Nematodes को नष्ट कर देती है ।

जैसे Arthrobotrys, Trichothecium, Dactylaria जूपैगेलीज आदि पायी जाती है । इनका संवर्धन कठिन होता है । इन Fungi में Nematodes को Capture या पकड़ने के विभिन्न प्रकार के Trapping Organs Development होते है ।

ये दो प्रकार के होते हैं:

(a) आसंजक या चिपचिपे पाश (Adhesive or Stickytraps),

(b) यान्त्रिक पाश (Mechanical Traps) ।

इसके अतिरिक्त चिपचिपेजाल (Networks, Lateral Branches, Knobs) आदि आते हैं जो प्रथम के अन्तर्गत आते हैं जबकि दूसरे के अन्तर्गत Non Constring Rings, Constricting Rings आते उदाहरण आर्थेर्बीट्रस आलिगोस्पोरा रोबस्टा इतयादि दूसरे में डैक्टलैला लोबर्टा, डी कैण्डिडा आदि ये सभी कवक Nematicide को Control करते है ।

(iii) सूत्रकृमि के अंडे एवं पुटियों के कवक (Nematodes Eggs, Cyst and Fungal):

Rhopalomyces Elegans को Egg Parasite Fungi माना गया है तथा फ्यूजेरियम की जातियां, पीसिलोमाइसीज वर्टिर्सिलियम की जातियाँ Nematodes के Eggs को नष्ट कर देती है जबकि दूसरी Species फियालोफोरा हीटरोडेरी, हीटरोडेरा शाख टाई, एविनी आदि Cysts के नष्ट करते हैं ।

(iv) कवकीय विरोधी (Fungal Antagonists):

अनेक Fliaments Fungi और Yeast के वायव भागों को संक्रमित करने वाले कवकों के विरोधी होते है । उदाहरण टमाटर के पौधे पर फूल खिलने के उपरांत Cladosporium Herbarum या Penicillium जाती के Conidium का निवेशन करने से Botrytiscinerea द्वारा फलों में होने वाले Infections को रोक देता है ।

इसी प्रकार Saprophytic Fungal Cladosporium Species, Epicoccum Speci तथा Soil Fungi Trichoderma आदि Rectria Gallgena एवं Cytospora को Control कर देता है । इसके अतिरिक्त Septeria, Alternaria, Phoma Darlucafilum आदि भी दूसरे Pathogens को Control करने के लिए उपयोग में लाए जाते हैं ।

Type # 3. विषाणु (Viruses):

अनेक प्रकार के Viruses Insects तथा दूसरे जन्तुओं के ऊपर परजीवी के रूप में रहते है । Viruses Nature में Free रहते है । कुछ Insects जो Hymenoptera, Lepidoptera, Colosptera तथा Diptera आदि के सदस्य रोग उत्पन्न करते है ।

परन्तु Viruses के द्वारा इन्हें Control किया जा सकता है । इनके प्रभाव के जन्तु मर जाते है । इन वायरस की जातियाँ जिनका उपयोग किया जाता है वो Baculovirus, Nuclear Polyhedrosis Virus, Eriodovirus, Entomopox Virus छोटे RNA Virus आदि जिनके उपयोग से दूसरे Pathogens को Control करने के लिए उपयोग में लाए जाते है ।

इसी प्रकार Heliothis Species कपास के Cotton Bollworm के Control के लिए उपयोग में लाया जाता है । इसी प्रकार Cabbage Butterfly, Alfalfa Caterpiller आदि को Control करने के लिए Virus का उपयोग किया जाता है । कुछ Virus जैसे मत्वॉयडोगाइन इनकॉग्नीटा Nematodes के Eggs को नष्ट कर देता है ।

अभी तक Virus केवल जीवाणु Pathogens को ही Biocontrol के लिए उपयोग में लाया गया है । प्रकृति में अनेक Bacteriophages या Bacterial Viruses विभिन्न Bacterial Pathogens को नष्ट करने के लिए उपस्थित है । अनेक Bacterial Pathogens का रोगों के प्रायोगिक नियंत्रण करने में उस समय सफलता प्राप्त हुई है ।

जब Bacteriophages को Inoculum या निवेशित जीवाणुओं के साथ मिलाया गया अथवा पहले से ही पौधों को Bacteriophages से उपचारित करके बाद में Bacteria निवेशित किया गया परन्तु अभी तक Bacteriophages के द्वारा Bacteria को व्यावहारिक रूप से Control नहीं किया जा सका ।

Type # 4. रिकेट्‌सिया (Rickettsias):

यह भी Virus जैसे Microorganisms है जिनके अनेक लक्षण Bacteria के समान होते है । इनमें Metabolic क्रियाएँ अत्यंत तेजी से होती है । इनका Culture कृत्रिम माध्यम में हो जाता है । उदाहरण Melolontha, Popillia Species इनका उपयोग विशेष परिस्थितियों तथा तकनीकी कर्मचारियों के द्वारा ही किया जा सकता है ।

यह Microorganism, Rod Like 3×0.5 Micrometer के होते है । ये त्वचा से शरीर के अंदर जैसे Tissue, Skin में बिखरे हुए मिलते है । इसका उदाहरण जाइफीनीमा इण्डेक्स में भी पाया जाता है ।

Type # 5. परभक्षी प्रोटोजोअन (Predacious Protozoan):

अनेक Protozoans को विभिन्न Nematodes के ऊपर आक्रमण करते देखा गया है । कुछ Parasite Nematodes जैसे हीटरोडेरा ट्राइफोलाई, एम्फेलेंकस-एवीनि, एफेलेकॉयडीज रुटजेरसी आदि के ऊपर Amoeboid Organisms आक्रमण करते है ।

अरेकन्यूला इम्पेटियेन्स Amoeba, मूलगाँठ Nemiatodes मेल्वायडोगाइन इनकॉग्नीटा के सक्रिय डिम्भकों का आंतरिक अवशोषण करता है । वैम्पाइरेला वोरैक्स नामक अमीबा डिम्भक के सम्पूर्ण शरीर को घेर कर नष्ट करता है । कोलेम्बोला अंडों के तेजी के साथ भक्षण करके नष्ट करता है ।

Type # 6. परभक्षी बरूथी (Predaceous Mites):

Nematodes सूत्रकृमि मेल्वॉयडोगाइन की जातियों (Species) पर 6 प्रकार की परभक्षी बरूथियों (Predaceous Mites) को आक्रमण करते पाया गया है । एक Mites की Species को हीटरोडेरा की Cyst को क्षति पहुँचाते देखा गया है ।

मैक्रोकेलीस मसीडोमेस्टाइसी नामक Mites को सूत्रकृमियों की विभिन्न जातियों पर आक्रमण करते देखा गया है । पर्गेलुपा की Species धान की खेती में उत्पन्न टिलेकोरिकस मार्टिनाई का बहुत बड़ी मात्रा में भक्षण करके उन्हें नष्ट करते हैं ।

Type # 7. पादप परजीवी सूत्र कमियों का जैव नियंत्रण (Biocontrol of Plant Parasite Nematodes):

Plant Pathogens Nematodes पर अनेक Soil निवासी Fungi, Bacteria, Viruses, Protozoa आदि Parasites के रूप में भी रहते हैं । इस अतिरिक्त Soil में अनेक Predators Fungi, Protozoa, Tardigrades Turbellarians, Mites, Insects आदि Plant Parasites Nematodes के Natural Enemies होते है । Predators Fungi को Nematode Trappers या Nematophagus Fungi के नाम से पुकारा जाता है । ये लगभग 100 से भी अधिक Species पायी जाती है ।

Type # 8. परजीवी प्रोटोजोआ (Parasitic Protozoa):

कैलीकूलोस्पोरिडम पेनीड्रैन्स नामक Protozoa मेल्वॉयडोगाइन की जाति में रोग उत्पन्न करता है तथा ये जाइफीनीमा जाति में भी पाया जाता है । सर्पिल सूत्रकृमि हेलिकोटीलेंकस माइक्रोलोबस को कैलिकूलोस्पोरिडम जाति द्वारा अत्यधिक संक्रमित पाया जाता है ।

इसके प्रभाव से 25% सूत्रकृमि मृत पाए गए और उनके शरीर Spores से भरे तथा उसकी Epidermis तक पाए गए । इसके अतिरिक्त कैलिकुलोस्पोरिडम पेनीट्रैन्स मेल्वॉयडोगाइन जावानिका में भी पाया गया था जिससे उसको संक्रमित किया गया था ।

Type # 9. परभक्षी टर्बिलेरियन (Predaceous Turbellarians):

Predaceous Turbellarians भी कुछ विशेष प्रकार की Soils में सूत्र कृमियों की पर्याप्त संख्या का उपभोग कर सकते है । उदाहरण के लिए Rhabdocoel Flat Worm (एडेनोप्लिआ जाति) मेल्वॉयडोगाइन इनकॉग्नीटा के डिम्भकों का शिकार करके उन्हें समाप्त करते है ।

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