स्नान उद्देश्य के लिए साबुन का निर्माण कैसे करें | Read this article in Hindi to learn about how to manufacture soap for bathing purposes.

अच्छे पादर्शक साबुन अधिकतर अल्कोहल की सहायता से बनाये जाते हैं । चर्बी, नारियल के तेल व अन्य तेलों से बने हुए अच्छे साबुन को अल्कोहल या स्प्रिट में घोला जाता है, इसके बाद अल्कोहल को डिस्टिलिंग यंत्र द्वारा पुन, प्राप्त कर लिया जाता है, परन्तु जहां ऐसा प्रबंध न हो वहां अल्कोहल को उड़ा दिया जाता है ।

अल्कोहल निकल जाने के बाद साबुन कमोबेश पारदर्शक अवस्था में बचा रहता है । इस तरीके में क्षार के कारबोनेट या सोडियम के सल्फेट आदि अशुद्धियां, जोकि साबुन में उपस्थित हो दूर हो जाती हैं क्योंकि ये अल्कोहल में नहीं घुलती और तली में बैठ जाती हे ।

ट्रान्सपेरेन्ट साबुन बनाने के लिए सादा बने हुए साबुन के चिप्स चिपिंग मशीन द्वारा काट लिए जाते हैं । इन चिप्स को बिजली या कोयले से गर्म होने वाली कटोरियों में रखकर अधिक सुखा लिया जाता हैं ।

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इन चिप्स को डिस्टिलिंग यंत्र जैसी बनावट वाले यन्त्र में डालकर अल्कोहल मिलाकर हल्की आग पर गर्म करते हुए चलाया जाता है, ताकि चिप्स अल्कोहल में घुल जाय तो इसे बर्तन में निकालकर एक दूसरे बर्तन में डाल दिया जाता है ।

यह भी डिस्टिलिंग यंत्र की तरह का होता है और इस यंत्र द्वारा अल्कोहल डिस्टिल करने का प्रबंध न हो तो वहां से उड़ा जाता है । अब जो गाढ़ा-गाढ़ा साबुन बच जाता है इसे जमाने के लिए फ्रेमों में भर दिया जाता है ।

अब इसकी टिकिया काटली जाती है, जोकि पूर्णत पारदर्शक नहीं होती परन्तु 4-5 दिन सूखी और छायादार जगह में रखे रहने पर इनमें मौजूद फालतू पानी और अल्कोहल उड़ जाने पर टिकिया पारदर्शक हो जाती है । दस पन्द्रह दिन और रखे रहने पर इस साबुन का रंग गहरा होकर पियर्स जैसा हो जाता है ।

इन साबुनों में ग्लिसरीन मिलाने से साबुन के गुण काफी बढ़ जाते हैं । और साबुन भी अधिक ट्रान्सपेरेन्ट बनता है । चीनी (शक्कर) और बिरोजा भी पारदर्शकता बढ़ाते हैं । अल्कोहल ही जगह मैथीलेटेड स्प्रिट से काम चलाया जा सकता है, क्योंकि वह भी अल्कोहल होता है ।

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अधिकतर छोटे कारखानों में ठंडे तरीके से पारदर्शक साबुन बनाया जाता है । इस तरीके से चर्बी व तेलों को मिलाकर एक मिक्सिंग मशीन में रखा जाता है, और इनको 180-190 फारेनहाइट तक गर्म कर लिया जाता है ।

अब इसमें आवश्यक मात्रा में सोडा कॉस्टिक लाई मिलाकर मिक्सर को चलाकर लगभग एक घटे तक ढककर रखा रहने दिया जाता है इस समय साबुन में प्रतिक्रिया होती है और इसका तापक्रम काफी बढ़ जाता है इस प्रकार साबुनीकरण किया पूर्ण हो जाती है ।

इस साबुन में चीनी का घोल और अल्कोहल अच्छी तरह मिला दिया जाता है और मिक्सर को फिर ढक कर छोड़ दिया जाता है । अब इसमें सुगन्धि मिलाकर फ्रेमों में जमने के लिए रख दिया जाता है और फिर टिकियां काटकर, ठप्पा लगाकर पैक कर दिया जाता है । अगर आवश्यकता हो तो रंग भी मिलाया जा सकता है ।

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पारदर्शक साबुन बगैर अल्कोहल की सहायता के भी बनते हैं । इनमें अल्कोहल की बजाय ग्लिसरीन से यह काम लिया जाता हैं ।

चीनी को पानी में घोलकर गर्म करके, साबुन में मिलाकर, मिक्सिंग मशीन को अच्छी तरह चलाया जाता है ताकि चीनी का घोल साबुन में मिल जाये और साथ ही अल्कोहल या मैथीलेटेड स्प्रिट भी मिला दीजिए । अन्त में सुगन्धि कम्पाउंड मिला दिया जाता है ।

मशीनरी एवं उपकरण (Machinery and Equipment):

1. सोप कैटेल

2. स्लेविंग मशीन

3. सोप कटिंग मशीन

4. सोप स्टैम्पिंग मशीन

5. सोप मिलिंग मशीन

6. सोप एमलग्मेटर

7. सोप प्लोडर