दक्षिण अमेरिका पर निबंध | Essay on South America in Hindi.

दक्षिण अमेरिका, मध्य अमेरिका, मैक्सिको और वेस्टइंडीज के संयुक्त रूप को ‘लैटिन अमेरिका’ कहते हैं । लैटिन भाषा स्पेनी, पुर्तगाली, फ्रांसीसी एवं इतावली आदि अनेक यूरोपीय भाषाओं की जननी है । दक्षिण अमेरिका संसार का चौथा सबसे बड़ा महाद्वीप है । इसका लगभग दो-तिहाई भाग विषुवत वृत्त के दक्षिण में उष्ण कटिबंध में फैला है ।

इसका उत्तरी भाग काफी चौड़ा है, किन्तु दक्षिण की ओर क्रमशः यह पतला होकर प्रायद्वीप बनाता है । इस महाद्वीप के दक्षिणी भाग में ‘टेराडेल फ्यूगो’ नामक द्वीप है, जो मुख्य भूमि से मैगलन जलसंधि के द्वारा अलग होता है ।

इसका दक्षिणतम सिरा ‘हॉर्न अंतरीप’ है । दक्षिण-पूर्व में फॉकलैंड द्वीप है । प्रशांत और अटलांटिक महासागर के बीच अवस्थित यह महाद्वीप पनामा स्थलसंधि द्वारा उत्तरी अमेरिका से मिला हुआ है । ‘बोलीविया’ दक्षिण अमेरिका का सबसे बड़ा स्थलरूद्ध देश है ।

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इसके पश्चिमी भाग में प्रशान्त महासागर के तट के साथ-साथ निम्नभूमि की एक सँकरी पट्‌टी है । यह उत्तर से दक्षिण की ओर फैली है । तटीय पट्‌टी के साथ-साथ पूर्व में पर्वतों की एक शृंखला (कैरेबियन सागर से टेराडेल फ्यूगो तक) है, जो एंडीज पर्वत के नाम से जानी जाती है । हिमालय के बाद एंडीज शृंखला ही संसार की दूसरी सबसे ऊँची एवं विश्व की सबसे लंबी पर्वतमाला है ।

इसका सर्वाधिक ऊँचा शिखर ‘एकांकागुआ’ (ऊँचाई-6960 मी.) है । एंडीज मोड़दार पर्वतों की श्रेणी में आता है । इसके मध्य बोलीविया का पठार है । विश्व की सबसे ऊँची नौकागम्य झील ‘टिटिकाका’ (पेरू-बोलीविया की सीमा पर) इसी पठार पर स्थित है । इक्वाडोर में स्थित कोटोपैक्सी संसार का सबसे ऊँचा सक्रिय ज्वालामुखी है ।

इक्वाडोर की राजधानी ‘क्विटो’ विश्व की सर्वाधिक ऊँचाई पर स्थित राजधानी है । दक्षिण अमेरिका के मध्यवर्ती मैदान का अधिकांश भाग ओरीनिको, अमेजन और प्लाटा नदियों की द्रोणियों से बना हुआ है । पराना, पराग्वे, उरूग्वे और उसकी सहायक नदियों के सम्मिलित तंत्र को ‘प्लाटा’ कहते है ।

मध्यवर्ती मैदान एंडीज पर्वतमाला और पूर्वी उच्चभूमि के मध्य, महाद्वीप के आधे भाग में विस्तृत है । इसकी सभी नदियाँ अटलांटिक महासागर में गिरती है । अमेजन विश्व की सबसे विशाल तथा दूसरी सबसे लम्बी नदी है । यह एंडीज से निकलती है तथा ब्राजील से गुजरते हुए अटलांटिक महासागर में गिरती है ।

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पूर्वी उच्च भूमि में गुयाना और ब्राजील के पठार आते हैं । गुयाना पठार में ही विश्व का सबसे ऊँचा जलप्रपात ‘एंजिल’ मिलता है । यह वेनेजुएला के दक्षिण-पूर्व में ओरीनिको की सहायक नदी कैरो पर है । दक्षिणी एंडीज के पूर्वी भाग में पैटागोनिया का पठार मिलता है । यह पर्वतपदीय पठार का उदाहरण है ।

दक्षिण अमेरिका में तापमान और वर्षा के आधार पर कई प्रकार की जलवायु पाई जाती है (South America has Variety of Climates Depending on Temperature and Rainfall):

1. विषुवतीय जलवायु (Equatorial Climate):

यह जलवायु अमेजन द्रोणी में पड़ती है, जहाँ सालोंभर जलवायु उष्णार्द्र रहती है । यहाँ के वर्षावन का स्थानीय नाम ‘सेल्वास’ है । अमेजन द्रोणी (बेसिन) ही रबड़ वृक्षों का मूल स्थान है । ये वन महोगनी लकड़ी के भंडार है । ‘वाल्सा’ नामक संसार की सबसे हल्की लकड़ी भी यहीं मिलती है ।

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2. सवाना जलवायु (Savanna Climate):

पूर्वी उच्च भूमि के इस भाग में उच्च तापमान मिलता है, किन्तु वर्षा मुख्यतः ग्रीष्म ऋतु में ही होती है । साल के कुछ महीने सूखे रहते हैं । यह घास-भूमि प्रदेश है, जिनके दो नाम हैं- ‘लानोस’ और ‘कैम्पोस’ ।

इनमें लानोस ओरीनिको नदी द्रोणी व गायना उच्च भूमि में है, जबकि कैम्पोस ब्राजील के पठार पर मिलता है । कैम्पोस क्षेत्र में ही येर्बा नामक वनस्पति मिलती है, जो चाय की तरह ही एक पेय पदार्थ है ।

3. प्रेयरी जलवायु (Prairie Climate):

यह जलवायु प्लाटा द्रोणी में मिलती है, जहाँ तापमान कम मिलता है । वर्षा सालोंभर होती है किन्तु ग्रीष्म ऋतु में कुछ अधिक होती है । ‘पंपास’ यहाँ की घासभूमि का स्थानीय नाम है । इस क्षेत्र में उरूग्वे और अर्जेटिना का उत्तर-पूर्वी क्षेत्र आता है ।

4. उष्ण कटिबंधीय जलवायु (Tropical Climate):

उत्तरी अर्जेंटीना और पश्चिमी पराग्वे के निम्नभूमि प्रदेशों में वर्षा ग्रीष्म ऋतु में होती है तथा शीत ऋतु शुष्क रहती है । अधिक वर्षा के कारण यहाँ घने वन और घास मिलते हैं, जिन्हें ‘ग्रानचाको’ कहा जाता है । क्वेब्रेको यहाँ का प्रमुख वृक्ष है ।

5. मरूस्थलीय जलवायु (Desert Climate):

उष्ण कटिबंध में एंडीज पर्वत के पश्चिम (दक्षिणी पेरू और उत्तरी चिली के अटाकामा) में उष्ण मरूस्थलीय जलवायु एवं शीतोष्ण कटिबंध में एंडीज पर्वत के पूर्व (पैटागोनिया) में शीतोष्ण मरूस्थलीय जलवायु पाई जाती है ।

उत्तरी चिली में स्थित ‘अरिका’ (Arica) विश्व का शुष्कतम स्थान है । पर्वत की आड़ में होने के कारण यहाँ आर्द्र पवनें नहीं पहुँच पाती । नागफनी और कँटीली झाड़ियाँ मरूस्थलीय प्रदेश की प्राकृतिक वनस्पतियाँ हैं ।

6. भूमध्यसागरीय जलवायु (Mediterranean Climate):

मध्य चिली में वर्षा शीत ऋतु में होती है तथा ग्रीष्म ऋतु शुष्क व कोष्ण रहती है । जाड़े में वर्षा पश्चिमी समुद्री हवाओं के प्रभाव में आने से होती है । गर्मी में पूर्वी हवाएँ चलने लगती हैं, जो स्थल भाग से आने के कारण शुष्क रहती हैं । अतः इनसे वर्षा नहीं होती है । यहाँ सदाबहार वृक्ष मिलते हैं । ओक, अखरोट, चेस्टनट और अंजीर के पेड़ इस प्रदेश के वृक्ष हैं ।

7. शीतोष्ण महासागरीय जलवायु (Temperate Oceanic Climate):

शीतोष्ण कटिबंध में स्थित होने के कारण इसमें शीतलता मिलती है । सालोंभर हल्की-हल्की वर्षा होती रहती है । इस प्रदेश में शीतोष्ण मिश्रित वन पाए जाते हैं । चीड़ और बीच इन वनों के मुख्य वृक्ष हैं । दक्षिण अमेरिका विचित्र वन्य प्राणियों का महाद्वीप है । केंडोर, संसार का सबसे बड़ा शिकारी पक्षी है ।

रीआ नहीं उड़ सकने वाला पक्षी है, परन्तु तेज दौड़ता है । अनाकोंडा नामक सर्प जो अमेजन नदी में मिलता है, 10-12 मीटर लम्बा होता है । अर्माडिलो यहाँ का सबसे विचित्र प्राणी है, जो विपत्ति के समय अपने आपको समेटकर काफी छोटा कर लेता है । ऐंट-ईटर भी यहाँ का विचित्र प्राणी है । प्यूमा, सिंह परिवार का खतरनाक जानवर है ।

हमिंग बर्ड ऐसा पक्षी है, जो हेलीकॉप्टर की तरह आकाश में गतिहीन होकर भी उड़ान भर सकता है । एंडीज पर्वत पर लामा नामक पशु मिलता है, जो ऊँट प्रजाति का है । अल्पाका व ग्वानको लामा की ही किस्में हैं । टिटिकाका झील से स्थानीय उपभोग के लिए मछलियाँ पकड़ी जाती हैं । पश्चिमी तट के सागरों में काफी मछलियाँ मिलती हैं ।

मत्स्य उद्योग की दृष्टि से पेरू तट का विश्व में सातवाँ स्थान है । दक्षिणी गोलार्द्ध में सबसे अधिक मछलियाँ यहीं से पकड़ी जाती हैं । यहाँ मुख्यतः एंकोवीज मछलियों का दोहन होता है । इक्वाडोर का ‘गालपागोस द्वीप’ ओलिवर रिडले टर्टल (विशालकाय कछुए) का प्राकृतिक प्रजनन स्थल है ।

दक्षिण अमेरिका के कुल क्षेत्रफल का केवल 10% भाग ही खेती के योग्य हैं । अधिकतर कृषि योग्य भूमि अर्जेंटीना और उरूग्वे में है, जहाँ गेहूँ और मक्का की अच्छी खेती होती है । ब्राजील, कोलम्बिया और इक्वाडोर संसार में कहवे के सबसे बड़े उत्पादक हैं । यहाँ की लाल मिट्‌टी (टेरारोसा) कहवा की खेती के लिए उपयुक्त है ।

यहाँ कहवा के बड़े-बड़े बागान मिलते हैं, जो ‘फजेंडा’ कहलाते हैं । व्यापारिक उद्देश्यों से बड़े पैमाने पर फसलों की कृषि ‘रोपण कृषि’ कहलाती है । पंपास क्षेत्र में पोषक तत्वों से भरपूर अल्फाल्फा नामक घास भी उगाई जा रही है । पशु इस घास को खाकर जल्दी मोटे हो जाते हैं । इसलिए यह क्षेत्र पशुपालन के लिए प्रसिद्ध हो गया है ।

अटाकामा मरूस्थल में नाइट्रेट के भंडार हैं, जहाँ वर्षा का नहीं होना वरदान सिद्ध हुआ है । चिली, नाइट्रेट का सबसे बड़ा उत्पादक है । इससे उर्वरक तैयार किया जाता है । खनिज तेल कैरेबियन तट के देश निकालते हैं, जैसे-वेनेजुएला, त्रिनिनाद-टौबेगो । वेनेजुएला के ‘मरैकेबो झील’ से भी बड़ी मात्रा में तेल निकाला जाता है ।

त्रिनिनाद में तारकोल भी मिलता है । चिली का ‘चुक्कीकमाता’ पठार तांबे के उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है । इसे विश्व की ‘तांबा राजधानी’ (Copper Capital of the World) भी कहा जाता है । टिन के उत्पादन में बोलीविया का संसार में चौथा स्थान है ।

पेरू के तट के पास स्थित गुआनों द्वीपों में संसार के सबसे अच्छे खाद मिलते हैं । बिना वर्षा वाले इन मरूस्थलीय द्वीपों में बहुत बड़ी संख्या में गुआनों पक्षी रहते हैं, जो मछलियों को खाते हैं । इनके मल-मूत्र, गन्ने व कपास की खेती के लिए प्रमुख प्राकृतिक खाद हैं । सूरीनाम और गुयाना बॉक्साइट के सबसे बड़े उत्पादक हैं ।

दक्षिण अमेरिका के मूल निवासी ‘रेड इंडियन’ के नाम से जाने जाते हैं । इसके अलावा यहाँ कई मिश्रित प्रजातियों का विकास हुआ है, जैसे- मेस्टिजो (इंडियन व यूरोपीय), मुलाटो (अश्वेत व यूरोपीय) एवं जैम्बो (अश्वेत व नीग्रो) आदि । इनमें मेस्टिजो की संख्या सर्वाधिक है ।

दक्षिण अमेरिका में अधिक जनसंख्या वाले क्षेत्र के अंतर्गत पश्चिमी तट पर स्थित भूमध्यसागरीय जलवायु के क्षेत्र, अर्जेंटीना के मैदानी भाग और ब्राजील के पूर्वी तट आते हैं । जबकि विरल जनसंख्या के क्षेत्रों में अमेजन नदी के विस्तृत वनाच्छादित मैदान, लानोस, ग्रानचाको और गुयाना के पठारी भाग, अटाकामा और पैटागोनिया मरूस्थल शामिल हैं ।

रेलमार्गों और सड़कों का विकास मुख्य रूप से अर्जेंटीना के उत्तरी और ब्राजील के पूर्वी भागों में ही हुआ है । चिली में खनिजों के निष्कासन के कारण ऊँचे पहाड़ी भागों पर भी कुछ रेलमार्ग बनाए गए हैं ।

इस महाद्वीप का ट्रांस एंडियन रेलमार्ग प्रशान्त महासागर को अटलांटिक महासागर से मिलाता है (वालपरेजो पत्तन से ब्यूनस आयर्स तक) । अर्जेंटीना से चिली तक के पार महाद्वीपीय सड़क विश्व की सबसे सुन्दर सड़कों में से एक है । अमेजन बेसिन में निर्मित कोकोकोडो सिनक्लेयर पनबिजली परियोजना, इक्वाडोर की सबसे बड़ी परियोजना है ।

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