विद्युत के नौ स्रोत | Read this article in Hindi to learn about the nine main sources of electricity. The sources are:- 1. सूर्य ऊर्जा, अथवा फोटोवाल्टिक ऊर्जा (Solar Energy or Photovoltaic (PV) Energy) 2. पन-बिजली (Hydropower) 3. न्यूक्लियर ऊर्जा (Nuclear Energy) 4. पवन ऊर्जा (Wind Energy) and a Few Others.

सूर्य-ऊर्जा, पवन-ऊर्जा, पन-बिजली, सागरीय लहरों तथा ज्वार-भाटे से प्राप्त होने वाली ऊर्जा तथा कूड़े-कचरे से उत्पन्न की जाने वाली ऊर्जा को हरित बिजली कहते हैं ।

हरित ऊर्जा का संक्षिप्त वर्णन निम्न में प्रस्तुत गया है:

Source # 1. सूर्य ऊर्जा, अथवा फोटोवाल्टिक ऊर्जा (Solar Energy or Photovoltaic (PV) Energy):

ऊर्जा, हरित ऊर्जा का एक महत्वपूर्ण स्रोत है । सूर्य ऊर्जा समाप्त न होने वाली ऊर्जा है । यह विश्वसनीय है तथा प्रदूषण भी नहीं फैलता । सूर्य ऊर्जा का उपयोग पानी गर्म करने, वातानुकूलन, घरों-दफ्तरों को गर्म रखने मछली पालन, प्रशीतन इत्यादि में किया जाता है ।

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सूर्य ऊर्जा का उत्पादन सूर्य प्रकाश एवं ऊष्मा में परिवर्तन करके किया जाता है । सूर्य ऊर्जा का उत्पादन उन क्षेत्रों में सरलतापूर्वक होता है जहाँ आकाश मेघाच्छदित न रहता हो । उत्पादन में सेमी-कंडक्टर का उपयोग होता है ।

पृथ्वी के वायुमंडल में सौर ऊर्जा लगभग 1353 प्रति वर्ग मीटर प्राप्त होती है । सूर्य से प्राप्त होने वाली ऊर्जा विश्व की ऊर्जा माँग का 1000 गुणा है । विश्व के बहुत-से देशों में सूर्य ऊर्जा का उत्पादन आरंभ किया जा चुका है । भारत में सूर्य ऊर्जा सागर द्वीप (सुंदरवन) पश्चिम बंगाल, जोधपुर (राजस्थान), कल्याणपुर (अलीगढ़-उत्तर प्रदेश) तथा कोयंबटूर (तमिलनाडु) में की जा है ।

Source # 2. पन-बिजली (Hydropower):

पन-बिजली एक नवीकरण ऊर्जा का साधन है । नदियों के जल को यदि पन-बिजली उत्पादन के लिये यदि इस्तेमाल न किया जाये तो यह व्यर्थ सागर में जाकर मिल सकता है । पानी से चलने वाली टर्बाइन का इस्तेमाल पिछले सौ वर्षों से विश्व के विभिन्न देशों में किया जा रहा है । पन-बिजली उत्पादन के लिये नदियों तथा नहरों पर छोटे बडे बाँध बनाए जाते हैं ।

पन-बिजली उत्पादन भारत में 1879 में आरंभ हुआ था और पहला पन-बिजली उत्पादन दार्जिलिंग में शुरू हुआ था । भारत की ऊर्जा माँग का केवल 20 प्रतिशत भाग ही पन-बिजली से पूरा होता है, परंतु अभी तक भारत की नदियों के जल का सीमित उपयोग ही पन-बिजली उत्पादन के लिये हो रहा है । भारत की नदियों पर बाँध बनाकर पन-बिजली उत्पादन करने की आवश्यकता है । इस दिशा में जितना शीघ्र कार्य किया जाये देश के विकास के लिये बेहतर है ।

Source # 3. न्यूक्लियर ऊर्जा (Nuclear Energy):

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ऊर्जा की बढ़ती हुई माँग को देखते हुए तथा कोयला, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस के घटते हुए भंडारी के पैसे-नजर, प्रमाणु ऊर्जा उत्पादन की महत्ता बढ़ती जा रही है न्यूक्लियर ऊर्जा उत्पादन के लिए यूरेनियम तथा थोरियम की आवश्यकता पड़ती है । भारत इन खनिजों में आत्म-निर्भर नहीं, इसलिए विदेशी आयात पर निर्भर करना पड़ता है । भारत में 27 परमाणु ऊर्जा कारखाने है जो देश की ऊर्जा माँग का केवल चार प्रतिशत आपूर्ति करते हैं ।

Source # 4. पवन ऊर्जा (Wind Energy):

पवन ऊर्जा भी स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा है । पवन ऊर्जा विशेष रूप से नीदरलैंड, डेनमार्क, फ्रांस, जर्मनी, नार्वे, स्वीडन, फिनलैंड, स्पेन, संयुक्त राज्य अमेरिका तथा चीन में उत्पन्न की जाती है । भारत में पवन ऊर्जा मुख्य रूप से तमिलनाडु, गुजरात के तटीय भागों में उत्पादित की जाती है ।

पवन ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए पवन की गति पाँच किलोमीटर प्रति घटे से अधिक होनी चाहिए । भारत के सागर के तटीय भागों में वायु की रफ्तार प्रायः दस किलोमीटर प्रति घटे से अधिक रिकार्ड की जाती है । पवन ऊर्जा उत्पन्न करने की अंडमान, निकोबार, पा॰ बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश एवं जम्मू-कश्मीर में भारी संभावना है ।

Source # 5. सागरीय लहरी ऊर्जा (Sea Waves Energy):

विश्व के बहुत-से देशों में सागरीय लहरों से बिजली का उत्पादन किया जा रहा है । इस प्रकार से उत्पादित की गई सागरीय लहरों से भी काफी मात्रा में बिजली पैदा की जा सकती है ।

Source # 6. ज्वार-भाटा ऊर्जा (Tidal Energy):

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सागरों में अमावस तथा पूर्णिमा के समय ज्वार-भाटा से ऊँची लहरे उठती हैं । इन लहरों के द्वारा भी विद्युत उत्पादन किया जा रहा है । भारत में खंभात की खाडी में ज्वार भाटा की लहरों से बिजली पैदा की जाती है ।

Source # 7. भूताप ऊर्जा (Geothermal Energy):

पृथ्वी के अंदरूनी भागों में जाते हुए तापमान में वृद्धि होती जाती है । विश्व के बहुत-से स्थानों पर गरम-पानी के चश्में/स्रोत हैं । इस गर्म पानी का उपयोग करके भी बहुत-से स्थानों पर बिजली का उत्पादन किया जा रहा है ।

इस विधि से आइसलैंड में विश्व में सबसे अधिक भू-ताप ऊर्जा (Geothermal Energy) का उत्पादन किया जाता है । दूसरे स्थान पर न्यूजीलैंड है । भारत में लद्दाख की पुग्गाघाटी तथा हिमाचल प्रदेश के मानिकरण स्थानों पर भू-ताप ऊर्जा पैदा की जाती है ।

Source # 8. बायोमास ऊर्जा (Biomass Energy):

बायोमास से भी स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन किया जाता है । इस प्रकार से बिजली पैदा करने के लिए, कृषि कूटा-करकट का उपयोग किया जाता है । इस प्रकार से ऊर्जा का एक टिकाऊ स्रोत नहीं माना जाता ।

Source # 9. कचरा-भराई से उत्पन्न की जाने वाली ऊर्जा (Landfills):

नगरों एवं उद्योगों से निकलने वाले कचरे को एक स्थान पर एकत्रित किया जाता है जिसको लैंडफिल कहते हैं । इस प्रकार के कूड़े-कचरे से भी विद्युत का उत्पादन किया जा रहा है । एक अनुमान के अनुसार भारत इस विधि से 25,000 मिलियन घन मीटर गैस का उत्पादन कर सकता है तथा अवशेष का खाद के रूप में उपयोग किया जा सकता है ।

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