सुनामी आपदा प्रबंधन के चरण | Stages of Tsunami Disaster Management in Hindi.

सुनामी आपदा प्रबंधन को निम्न दो चरणों में विभाजित किया जा सकता है:

(i) सुनामी आपदा आने से पहले का चरण तथा

(ii) सुनामी आपदा के बाद का चरण ।

(i) सुनामी आपदा आने से पहले का चरण (Pre-Tsunami Disaster Stage):

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सुनामी से होने वाले नुकसान को कम करने के लिये निम्न उपाय करने चाहिए:

1. सुनामी से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों के मानचित्र तैयार किए जाएँ ।

2. विश्व के अभिसारी जोन के मानचित्र तैयार किए जाएँ ।

3. सुनामी प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को मकान इत्यादि न बनाने दिया जाएँ ।

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4. सुनामी की गति बहुत तीव्र (500 से 1000 किलोमीटर प्रति घटा) होती है, परंतु गहरे सागरों में इनकी लहरों की अधिक लंबाई और कम ऊँचाई होने के कारण इनको महसूस नहीं किया जाता, इसलिये नाविकों तथा मछुआरों को यह जानकारी दी जानी चाहिए कि सुनामी आने पर गहरे सागर में चले जायें और तट की ओर न आयें ।

5. महासागरों एवं सागरों के तटों पर सुनामी की चेतावनी यंत्र लगाये जाने चाहिए ।

6. बचाव कार्य के लिये सदैव तैयार रहना चाहिए ।

(ii) सुनामी आपदा के पश्चात का चरण (Post-Tsunami Disaster Stage):

आपदा आने पर निम्न उपाय करने से जान-माल की हानि को कम किया जा सकता है:

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1. आपदाग्रस्त क्षेत्रों में फँसे लोगों को तुरत सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जाये ।

2. तुरंत चिकित्सा और डॉक्टरों को घायल व्यक्तियों के इलाज का प्रबंध करना चाहिए ।

3. सुनामी प्रभावित क्षेत्रों में पीने के पानी और खाने का तुरंत प्रबंध करना चाहिए । प्रभावित लोगों के लिये हेलीकॉप्टर से खाने-पीने की सामग्री गिराई जानी चाहिए ।

4. प्रभावित लोगों के पुनर्वास का प्रबंध किया जाना चाहिए ।

5. सुनामी प्रभावित क्षेत्रों में नहीं जाना चाहिए जब तक मजबूरी न हो, क्योंकि आपकी उपस्थिति से बचाव कार्य में बाधा पड़ सकती है ।

6. बच्चों, बूढ़ों तथा बीमारों की सहायता करनी चाहिए ।

7. यदि घरों के चारों ओर पानी भरा हो तो उनमें प्रवेश नहीं करना चाहिए, क्योंकि पानी भरने से मकानों की बुनियाद कमजोर पड़ सकती, मकान गिर सकते हैं ।

8. जब दोबारा से घर में प्रवेश करना हो तो सँभल कर चलना चाहिए ।

9. बैट्री से चलने वाली लालटेन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए । मोमबत्ती तथा माचिस का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए । यह भी ध्यान रहे कि मकान में गैस का रिसाव तो नहीं है ।

10. मकान के अंदर साँप इत्यादि आ सकते हैं इसका भी ध्यान रखकर मकान में दाखिल होना चाहिए ।

यदि उपरोक्त बातों का ध्यान रखा जाये तो सुनामी से होने वाले नुकसान को बहुत हद तक कम किया जा सकता है ।